UPSC में पाई 18 वीं रैंक, 24 वर्षीय मनीष गुरवानी ने बताया कश्मीर की समस्या का हल !

भारतीय लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित सिविल सर्विस एग्जाम में देश में 18वां स्थान प्राप्त करने वाले नोहर के 24 वर्षिय मनीष गुरवानी का मानना है कि अगर सिविल सर्विस एग्जाम के पेपर, पेटनर्स और स्लेबस में थोड़ा बदलाव होना चाहिए। क्योंकि वर्तमान में जो प्रक्रिया चल रही है उसमें अध्ययन सामग्री की अधिकता के कारण सही ऑपशन चुनने में अधिक वक्त लग जाता है।

 बातचीत में मनीष ने बताया कि उनका शुरू से यही ध्येय था कि वे सिविल सर्विस में जाकर ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं का निराकरण करें।

– हालांकि इससे पूर्व मनीष ने 2014 में जब यही एग्जाम दिया था तो उनके 322वीं रैंक बनी थी। जिस कारण उन्हे भारतीय राजस्व सेवा का क्षेत्र मिला। लेकिन इससे असंतुष्ट मनीष का लक्ष्य केवल आईएएस बनना ही था। यही जुनून और पढ़ाई के प्रति लगन का ही नतीजा निकाला अब देशभर में मनीष को 18वीं रैंक हांसिल हुई है। इस सफलता के पीछे माता-पिता का मार्गदर्शन और आशीर्वाद हरदम उनके साथ रहा।

– मनीष का इंटरव्यू एयर मार्शल भोंसले के पैनल ने लिया। इसमें देश-विदेश और प्रदेश से जुड़े विभिन्न सवाल किये गये।

– जब सभी सवाबों से संतुष्ठ पैनल ने कहा कि वैलडन तो मनीष अपनी सीट से खड़े हो रहे थे तभी उनसे प्रश्र किया गया कि आपका ऑपश्रल विषय गणित है तो इसपे आपकी पकड़ भी मजबूत होगी थी।

– मनीष ने ज्यों कि हां कहा कि पैनल ने उनसे कहा कि तो सुनाओ 29 का पहाड़ा। अचानक से 29 का पहाड़ा सुनाने की बात आई तो थोड़ा असहज जरूर हुए लेकिन हिम्मत करते हुए कहा कि मुझे कंठस्त हो नही है लेकिन सुना जरूर दूंगा। इसके बाद मन में जोड़-जोड़ कर 300 से आगे तक पहाड़ा सुना डाला। इससे पैनल प्रभावित हुआ।

इसके अलावा भी मनीष से अनेक सवाल पूछे गए जिनका जवाब उन्होंने कुछ युं दिया

1. इतनी एज्युकेशन और आईआरएस में चयन के बाद आपको अच्छा-खासा पैकेज मिल सकता था। तो अपने सरकारी सेवा ही क्यों चुनी?

मनीष- क्योंकि गांवों में व्याप्त समस्याओं को उन्होनें एनएसएस के दौरान काफी नजदीक से देखा है। तो उनका मानना है कि बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य से उन समस्याओं को निराकरण किया जा सकता है। इसके लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा से बेहतर कोई माध्यम नही।

2. सरकार में रहकर आप क्या बेहतर कर सकते हैं?

मनीष- सबसे पहले हमे सरकार के प्रति हमारी नकारात्मक मानसिकता बदलनी होगी। फिर भ्रष्टाचार को खत्म करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने होंगे। इसके लिए भ्रष्टाचारी को सख्त से सख्त सजा हो भले ही वह कितना बड़ा व्यक्ति हो।

3. अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एक बयान में कहा कि था भारत-पाक के बीच तनाव का कारण बने कश्मीर मुद्दे को उनकी मध्यस्ता से हल किया जा सकता है। क्या भारत को ऐसा करना चाहिए?

मनीष- क्योंकि कश्मीर मुद्दा भारत पाक दोनों का अंदरूनी मामला है इसलिए अगर अमेरिका इसमें हस्तक्षेप करता है तो यह अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बन जाएगा। इसलिए दोनों देशों को मिलकर ही इसके लिए प्रयास करने चाहिए। इसके लिए शांति बनाने की प्रक्रिया को बढ़ावा देना चाहिए। इसमें समय लग सकता है लेकिन समाधान इसी से संभव। बकौल मनीष हथियारों का बढ़ावा देनें की बजाय शिक्षा पर पैसा खर्च करना चाहिए।

4. इंदिरा गांधी नहर से राजस्थान को क्या फायदा है? 

मनीष- यह परियोजना प्रदेश के बड़े भू भाग के लिए जीवन दायिनी है। इससे कई सूखाग्रस्त जिलों में पेयजल की समस्या दूर हुई है। इसके अलावा सिंचाई के लिए भी यह एक बड़ा माध्यम साबित हुई है।

5. राजस्थान में पानी की कमी को कैसे दूर किया जा सकता है?

मनीष- प्रदेश में पानी की कमी को देखते हुए पारंपरिक जल स्त्रोतों जैसे कुएं, बांवडी, तालाब, टांको का पुर्नउत्थान करवा कर बारिश के पानी को सहेजा जा सकता है। इसके अलावा वाटर हार्वेस्टिक सिस्टम भी इसका बेहतर माध्यम है।

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